Thursday, November 15, 2012

उस शहर में आशियाँ क्या ख़ाक बनायेंगे



उस शहर में आशियाँ क्या ख़ाक बनायेंगे
जिस शहर में झुग्गियों तले खून ना बहे

बुलडोज़रो से सपने कुचल दिए जाये जहाँ
गिद्ध को नाचते देखे बगैर सुकून ना रहे

शांति और सभ्यता तो दकियानूसी बाते हैं
कब्र है वो, जहाँ दरिंदगी का जूनून ना रहे

उस शहर में आशियाँ क्या ख़ाक बनायेंगे
जिस शहर में झुग्गियों तले खून ना बहे

इतने संस्कार का अचार डालोगे क्या?

आप एक दिन अपनी गाडी लेकर सड़क पर जा रहे हैं; कुछ लोग आकर आपको ताना मारते हैं, कुछ गाली देते हैं और कुछ लोग आपके कार को तोड़ फोड़ देते हैं, बाद...