Saturday, May 05, 2012

किसे चाहिए?

रोटी, कपडा और मकान
खद्दर की लंगोटी, मीठा बनारसी पान
दो जून का चूल्हा,
बड़ा खुला मचान
किसे चाहिए? किसे चाहिए?

Generation बदल गया हैचाहते बदल गयी हैं
सेक्स, पैसा और दारु की दूकान
Virtual इश्क़, Search-ual ज्ञान
भाड़ में जाए सभ्यता,
संस्कृति दारु में डूब जाए विज्ञान

किसे चाहिए? किसे चाहिए?

1 comment:

Manjeet Taram said...

Virtual इश्क़, Search-ual ज्ञान ..हा हा ....सही है ..!

तुम्हारे दीदार से मुक़म्मल होती थी वो कवितायेँ  जो आज कल अधूरी-अधूरी ही ख़त्म हो जाती हैं.